Emotional shayari

Na Haara Hai Ishq Na Duniya Thaki Hai

Na Haara Hai Ishq Na Duniya Thaki Hai;
Diya Jal Raha Hai Hawa Chal Rahi Hai;
Sukoon Hi Sukoon Hai Khushi Hi Khushi Hai;
Tera Gham Salamat Mujhe Kya Kami Hai!
~ rana chahal
Kisi Ranjish Ko Hawa Do Ke Mein Zinda Hoo Abhi;
Mujhe Koi Ahsaas Dila Do Ke Mein Zinda Hoon Abhi;
Mere Rukane Se Meri Saanse Bhi Ruk Jaayegi;
Fasale Aur Badha Do Ke Mein Zinda Hoon Abhi;
Zehar Peene Ki Toh Aadat Thi Zamanewalo;
Ab Koi Aur Dava Do Ke Mein Zinda Hoon Abhi;
Chalti Raho Mein Yuhi Aankh Lagi Hai ‘Faakir’;
Bheed Logo Ki Hata Do Ke Mein Zinda Hoon Abhi!

-RANA CHAHAL

Hans Ke Farmaate Hai Woh, Dekh Ke Haalat Meri;
Kyon Tum Aasaan Samajhte The Mohabbat Meri;
Baad Marne Ke Bhi Chhori Na Rafaaqat Meri;
Meri Turbat Se Lagi Baithi Hai Hasrat Meri!
~ RANA CHAHAL

उलझनों और कश्मकश में उम्मीद की ढाल लिए बैठा हूँ..

उलझनों और कश्मकश में उम्मीद की ढाल लिए बैठा हूँ..
ए जिंदगी! तेरी हर चाल के लिए..मैं दो चाल लिए बैठा हूँ |
लुत्फ़ उठा रहा हूँ मैं भी आँख – मिचोली का …मिलेगी कामयाबी, हौसला कमाल का लिए बैठा हूँ l
चल मान लिया.. दो-चार दिन नहीं मेरे मुताबिक…गिरेबान में अपने, ये सुनहरा साल लिए बैठा हूँ l
ये गहराइयां, ये लहरें, ये तूफां, तुम्हे मुबारक …मुझे क्या फ़िक्र..,
.
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.
.

******MAA******

Zindagi ki tapti dhoop mai ek thanda saya paya hai mai ne,
Jab kholi aankh to apni maa ko muskorata howa paya hai mai ne..
Jab bhi maa ka naam liya,
Os ka beshomaar pyar paya hai mai ne..
Jab koi dard mehsoos howa, jab koi mushkil aayi,
Apne pehlo mai apni maa ko paya hai mai ne..
Jaagti rahi who raat bhar mere liye,
Jaane kitni raatein, osay jagaya hai mai ne..
Zindagi ke har moadh(mor) par, jab howi gumrah mai,
Iski hidaayat par, pakarli seedhi raah mai ne..
Jis ki dua se har moseebat loat jaye,
Aisa farishta paya hai mai ne..
Meri har fiker ko janne wali,
Mere jazbaaton ko pehcanne wali,
Aisi hasti payi hai mai ne..
Meri zindagi sirf meri maa hai,
Isi ke liye to,
Is zindagi ki shama jala rakkhi hai mai ne

शायद ज़िन्दगी बदल रही है !!


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शायद ज़िन्दगी बदल रही है !!
जब मैं छोटा था , शायद दुनिया बहुत बड़ी हुआ करती थी ..
मुझे याद है मेरे घर से स्कूल तक का वो रास्ता , क्या क्या नहीं था वहां , चाट के ठेले ,जलेबी की दुकान , बर्फ के गोले , सब कुछ ,

अब वहां मोबाइल शॉप “, ” विडियो पार्लर हैं , फिर भी सब सूना है ..
शायद अब दुनिया सिमट रही है
/
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जब मैं छोटा था , शायद शामे बहुत लम्बी हुआ करती थी .
मैं हाथ में पतंग की डोर पकडे , घंटो उडा करता था , वो लम्बी साइकिल रेस “, वो बचपन के खेल , वो हर शाम थक के चूर हो जाना ,
अब शाम नहीं होती , दिन ढलता है और सीधे रात हो जाती है .
शायद वक्त सिमट रहा है ..

/
/
जब मैं छोटा था , शायद दोस्ती बहुत गहरी हुआ करती थी ,
दिन भर वो हुज़ोम बनाकर खेलना , वो दोस्तों के घर का खाना , वो लड़कियों की बातें , वो साथ रोना , अब भी मेरे कई दोस्त हैं ,
पर दोस्ती जाने कहाँ है , जब भी ट्रेफिक सिग्नल पे मिलते हैं हाई करते हैं , और अपने अपने रास्ते चल देते हैं ,
होली , दिवाली , जन्मदिन , नए साल पर बस SMS आ जाते हैं
शायद अब रिश्ते बदल रहें हैं ..

/
/
जब मैं छोटा था , तब खेल भी अजीब हुआ करते थे ,
छुपन छुपाई , लंगडी टांग , पोषम पा , कट थे केक , टिप्पी टीपी टाप .
अब इन्टरनेट , ऑफिस , हिल्म्स , से फुर्सत ही नहीं मिलती ..
शायद ज़िन्दगी बदल रही है .
.
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जिंदगी का सबसे बड़ा सच यही है .. जो अक्सर कबरिस्तान के बाहर बोर्ड पर लिखा होता है .

मंजिल तो यही थी , बस जिंदगी गुज़र गयी मेरी यहाँ आते आते
.
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.
जिंदगी का लम्हा बहुत छोटा सा है .
कल की कोई बुनियाद नहीं है
और आने वाला कल सिर्फ सपने मैं ही हैं .
अब बच गए इस पल मैं ..
तमन्नाओ से भरे इस जिंदगी मैं हम सिर्फ भाग रहे हैं ..
इस जिंदगी को जियो न की काटो!!!!!!!!!!

SISAK RAHI HAI ZINDAGI……

kyaa paaya humne duniya me aa kar,
lipte hue hain ghunaaho me hum, sisak rahi hai zindagi
kya huwa kyon hum bhul gaye Insaaniyat ko
Pahen liya hai farebon ka chola, sisak rahi hai zindagi
Kyon tarpaate ho EHSAAS RUH ko apne
Wah bhechaari machal rahi hai, sisak rahi hai zindagi
Kuchh socho kuchh yaad karo bhul gaye ho jo FArz yaaron
Kuch to sudhaaro khudko yaaron, sisak rahi hai zindagi
Bhaaeechara bechara ro raha hai
Khun beh rahi hai aankhon se uske, sisak rahi hai zindagi
Zekhm pe uske merhm to rakho,kuch to hoga tumhare paas
Talaash karo nange nahi ho insaniyat me tum, sisak rahi hai zindagi
Dusron ko bharose kab tak rahoge EHSSAS
Khud ko bhi to tayyaar karo, sisak rahi hai zindagi
Aankhon se apne nafrat ko nikaalon,khud apni mishaal bano
baanton khusi ko apne, gham ki parwaah na kar, sisak rahi hai zindagi
Tumhaari zarurat hai is duniya ko yaaron
Ro rahi hai bahut si aankhen, sisak rahi hai zindagi
Haanth barhaaon gaalon tak unke
Kuch unke yaar madadgaar gaar bano, sisak rahi hai zindagi
Ek fariyaad hai is naacheej ki tumse
Nefrat chhoro aur pyaar karo, sisak rahi hai zindagi
Ro ro kar behaal hue jo kuchh unki parwaah karo
Kuchh nange hain talaash me tumhaare
kuch bhuke hain dhund rahe, sisak rahi hai zindagi…!!!

जिंदगी …

जिंदगी …

कितनी बार लिख चूका हु तेरी कहानी
सुन चूका हु लोगो से तेरी जुबानी
हर वक्त तू बदल ही जाती है
कभी हिरा , कभी कांच हो जाती है
कभी पत्थर तो कभी नाजुक कली बन जाती है
हर वक्त लगता है
के मैंने पा लिया है तुझे
हर मोड़ पर रुक जाता हु
हताश होकर …
जान जाता हु.. तुझे पाना
बहोत ही है कठिन ..
पर फिर से तू मुस्कुराती है
अपने बाहों में बुलाती है
और फिर से मै
तेरी और दौड़ने लगता हु..
छोटासा शिशु बनकर..

आज मेरा ये वादा है तुझसे
आज मै तुम्हे पाके ही रहूँगा
मेर नस नस में तुम्हे समाके ही रहूँगा
ऐ मेरी जिंदगी !

बस तभी मैं जिन्दगी को जीना सिखाऊँगा

मैं दो कदम चलता और एक पल को रूकता मगर,
इस एक पल में जिन्दगी मुझसे 4 कदम आगे chali जाती,
मैं फिर दो कदम चलता और एक पल को रूकता मगर,
जिन्दगी मुझसे फिर ४ कदम आगे chali जाती,
जिन्दगी को jeet ta देख मैं muskurata और जिन्दगी मेरी mushkurahat पर hainran होती,
ये silsila yuhi चलता रहा ,
फिर एक दिन मुझको hasta देख एक sitare ने पुछा “तुम harkar भी muskurate हो
,क्या तुम्हे दुःख नहीं होता haar का?”तब मैंने कहा ,
मुझे पता है एक ऐसी sarhad aayegi jaha से जिन्दगी ४ तो क्या एक कदम भी आगे नहीं जा payegi
और तब जिन्दगी मेरा intzaar karegi
और मैं तब भी अपनी raftar से yuhi चलता रुकता
wahan pahunchunga ………एक पल ruk कर जिन्दगी की taraf देख कर muskuraoonga,
beete safar को एक नज़र देख अपने कदम फिर badhaoonga ,
ठीक usi पल मैं जिन्दगी से jeet jaunga,मैं अपनी haar पर muskuraya था
और अपनी jeet पर भी muskuraunga और जिन्दगी अपनी jeet पर भी न मुस्कुरा पाई थी
और अपनी haar पर भी न मुस्कुरा पायेगी ,
बस तभी मैं जिन्दगी को जीना सिखाऊँगा !!!!

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